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आगरा से जुड़ी हुई कुछ अनसुनी कहानियां

देश इस समय सावन के पावन महान है सारे के सारे देश में अनेकों शिव मंदिरों में भगवान शिव की आराधना की जा रही है एवं संपूर्ण देश में भगवान शिव के मंदिरों के आसपास मेलों का आयोजन हो रहा है इसी कड़ी में जैसा कि आगरा वासी सभी जानते हैं किस सावन का दूसरा सोमवार आने से की पूर्व संध्या पर अर्थात सावन के दूसरे सोमवार से पहले वाला रविवार यानी कि जिसे बोलते हैं शिव यात्रा प शिव यात्रा पर जी हां दोस्तों शिव यात्रा पर की ही बात कर रहा हूं मैं यह एक ऐसी यात्रा है जिसमें भाग लेने के लिए प्रतिवर्ष आगरा ही नहीं अपितु आगरा से बाहर के भी अनेकों लोग सावन के द्वितीय सोमवार की पूर्व संध्या पर आगरा पहुंची जाते हैं इस यात्रा का महत्व इतना है कि आप यदि कोई भी इच्छा अपने मन में रखकर इस यात्रा को पूर्ण करें तो आपकी वह इच्छा स्वयं महादेव के पास पहुंच जाती है इस यात्रा के संबंध में आप सभी को बताने से पूर्व मैं आप सभी को आगरा के बारे में कुछ बताना चाहता हूं वैसे तो आगरा की पहचान ताजमहल के नाम से है ज्यादातर लोग आगरा को ताजमहल के नाम से जानते हैं लेकिन इससे भी पूर्ण ताज आगरा की पहचान इसके लिए भी है आगरा के चारों कोनों पर भगवान शिव के 4 मंदिर हैं और यह चारों मंदिर ही स्वयं में ही किसी चमत्कार से कम नहीं है वैसे तो आगरा में भगवान शिव के तकरीबन 6000 से भी ज्यादा मंदिर है यह आंकड़ा कोई छोटा आंकड़ा नहीं है लेकिन कुछ मंदिरों के विषय में मैं आपको छोटी सी जानकारी दे देता हूं भगवान शिव का एक मंदिर आगरा में है जिसका नाम है मनकामेश्वर कहा जाता है कि आपके मन की कोई भी अगर कोई काम ना हो और आप मनकामेश्वर में यह बोलकर जाएं की है महादेव अगर मेरा यह काम पूर्ण हो गया तुम्हें मनकामेश्वर में आकर दीप प्रज्वलित कर लूंगा मेरा अनुभव तो यही कहता है क्या आपको काम अवश्य बन जाएगा एक और मंदिर है जिसका नाम है पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर इस मंदिर का नामांतरण वैसे तो महाराजा पृथ्वीराज चौहान के नाम पर हुआ है यह कहानी भी बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि महाराज पृथ्वीराज चौहान महादेव के बहुत बड़े भक्त थे एक बार की बात है जब महाराज पृथ्वीराज चौहान यात्रा पर निकले हुए थे तो उन्हें एक सपना आया जिसमें महादेव ने उनसे कहा पृथ्वीनाथ पृथ्वीराज मैं तुम्हारी इस भक्ति से अत्यंत ही प्रसन्न हूं और मैं तुम्हें दर्शन देने के लिए एक स्थान पर अवतरित हुआ हूं और वह स्थान आज आगरा में पृथ्वी नाथ शिवलिंग के नाम से जाना जाता है पृथ्वीराज चौहान ने इसी स्थान पर एक भव्य मंदिर का निर्माण करवाया जिसे आज हम पृथ्वीनाथ के मंदिर के नाम से जानते हैं ऐसी अनेक कहानियां भगवान महादेव की आगरा में प्रचलित है उनमें से ही एक और प्रचलित कहानी में आपको सुनाना चाहता हूं आप सभी ने कैलाश मंदिर के बारे में तो सुना ही होगा आगरा में भी एक अपना कैलाश मंदिर है जब मैंने कैलाश मंदिर बोला तो बहुत से लोगों को लगा होगा कि यहां पर मैं कैलाश मानसरोवर की बात कर रहा हूं लेकिन ऐसा नहीं है आगरा में भी कैलाश मंदिर में इसकी भी अपनी अनूठी कथा है अनूठा इतिहास आगरा केवल ताजमहल ना केवल जूता और ना केवल पेठे के लिए जाना जाता है आगरा अनेक ऐसे विषयों को समाहित किए हुए हैं जिने समझ पाना कोई सरल विषय नहीं है आगरा का एक विशेष ऐतिहासिक महत्व आज सावन के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या अर्थात सोमवार से पहले वाला रविवार या मैं कहूं तो शिव यात्रा पर वाले दिन इस आर्टिकल को लिखने का उद्देश्य ही था कि आप सभी आगरा के स्वर्णिम इतिहास के कुछ छोटे से झरोकों को एक सकें और अपने शहर के बारे में और जानकारी ले सकें इसी प्रकार की अनेकों जानकारियों के साथ मैं आर्टिकल चलाता रहूंगा और आप सभी की अनेकों मेल्स देखने के बाद में मैंने यह फैसला लिया है कि मैं एक बार फिर से एनएसएस अर्थात राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े एवं स्वयं में एक सफल व्यक्तित्व के धनी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के संबंध में भी कुछ जानकारियां या कहूं तो उनसे जुड़े हुए आर्टिकल को पुनः प्रारंभ करने का प्रयास करूंगा इसी कड़ी में मैं आप सभी को बताना चाहता हूं कि अगला जो आर्टिकल आप लोग पढ़ेंगे वह आगरा की एक बहुत ही प्रतिभाशाली एनएसएस स्वयं सेविका जोकि राज्यपाल द्वारा पुरस्कृत है एवं जिन्हें हाल ही में राज्य पुरस्कार के लिए भी चिन्हित किया गया है के विषय में आपको बताऊंगा अब उनका जो नाम है उसका आप इंतजार कीजिए अगर आगरा के एनएसएस से जुड़े लोग या टिकल पढ़ रहे हैं तो वह समझ गए होंगे कि मैं इनकी बात कर रहा हूं तो इंतजार कीजिए जल्दी उनसे जुड़ी जानकारियों के साथ में आर्टिकल लेकर प्रस्तुत हूंगा
धन्यवाद

कार्तिक शर्मा
आगरा
फोन नंबर 75 3 3 8 3 6 8 6 1








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